बेरोजगार होता मध्यप्रदेष
बेरोजगार होता मध्यप्रदेश
मप्र में शिवराज सिंह चैहान को मुख्यमंत्री बने हुए लगभग बारह साल होने को आ रहे हैं। सडक से लेकर तमाम क्षे़त्रो में काम हुआ है, लेकिन एक मामले में शिवराज सरकार बुरी तरह से पिट गई है। वो सेक्टर है रोजगार का। तीन से ज्यादा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हुई। इन पर करीब करीब सौ करोड से ज्यादा का खर्च किया गया। लेकिन रोजगार के मामलों में हालात नहीं बदले। हैरानी की बात तो यह है कि प्रदेश का पंद्रह लाख युवा बेराजगार बना हुआ है। हाल ही में निकली पटवारी भर्ती में नौ लाख से ज्यादा आवेदन आए है। इसमें पीएचडी धारक से लेकर इंजीनियर तक शमिल है। चार माह पहले हुई ग्लोबल स्किल समिट में आयोजित एक समारोह
में नौकरी डाॅट काम के सीईओ ने बताया था कि प्रदेश के ग्यारह लाख युवाओं ने वेबसाईट पर रजिस्ट्रर किया हुआ है। ये तो वो लोग है, जो शिक्षित है। जबकि अशिक्षित लोगों की संख्या भी इसके बराबर बताई जा रही है।

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