मप्र को बनाएंगे स्टार्टअप केपिटल- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

स्टार्टअप कंपनियाँ चलाने वाले उद्यमियों ने सुनाये अनुभव

 भोपाल। प्रदेश में लघु एवं मध्यम उद्योगों का जाल बिछाया जा रहा है। स्टार्टअप को लेकर नई नीति बनाई गई है। जल्द ही प्रदेश स्टार्टअप केपिटल बनने जा रहा है। प्रदेश के युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं देना वाला बनना होगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने स्वरोजगार योजना चलाई है। जिसमें एक करोड तक का लोन दिलाया जा रहा है। युवाओं को अपने आईडिया को मरने नहीं देना चाहिए। दुनियां में परिवर्तन पागलों ने ही किए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं स्व-रोजगार सम्मेलन के समापन समारोह में कहीं। सीएम ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मेरे सामने बैठे हनुमान हैं और मैं उनका जामवन हूँ। मैं युवाओं को उनकी असली ताकत का अहसास कराने जा रहा हूँ। इस अवसर पर राज्य मंत्री संजय पाठक, प्रमुख सचिव वी.एल. कान्ता राव, सीएम के प्रमुख सचिव एसके मिश्रा, एकेवीएन एमडी जेएन व्यास मौजूद थे। स्टार्टअप में बिल्कुल देरी नहीं करें मुम्बई में स्टार्टअप कंपनी स्थापित करने वाली श्रेया मिश्रा ने

अपनी कंपनी की प्रगति यात्रा और अनुभव सुनाते हुए युवा उद्यमियों से कहा कि नये विचार के लिये आलोचना झेलने को भी तैयार रहें। मुम्बई में ऑनलाइन फैशन कंपनी फ्लाईरोब डॉट काम का संचालन कर रही श्रेया मिश्रा ने कंपनी बनाने के प्रारंभिक विचार, फंड की व्यवस्था और कंपनी में निवेश, मार्गदर्शन, बाजार की रुचि, लोगों की पसंद के बारे में जानकारी दी। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा स्टार्टअप कंपनियों को बढ़ावा देने के लिये स्थापित वेंचर केपिटल फंड की सराहना करते हुए कहा कि इससे उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। रिस्क लेने से डरे नहीं वेंचर केपिटल फंड के प्रबंध संचालक संदीप कड़वे ने कहा कि युवाओं को रिस्क लेने से डरना नहीं चाहिए। अगर प्लान में दम है, तो इन्वेस्टमेंट आसानी से मिल जाएगा। स्टार्टअप को लेकर सरकार भी मदद करेगी।

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